Dooars

प्रकृति.. इस अनमोल धरा के असंख्य आयाम हैं. अनगिनत रचनाएँ, कृति, दृश्य, वस्तुएं, सुगंध जिनसे हम ताउम्र अछूते रहते हैं. एक अंधी दौड़ को समर्पित एक अदृश्य मोहपाश में बंधे रहते है ताउम्र. जब हम जीवन के विभिन्न आयामों को खोजने निकलते हैं, तब हमें पता चलता है की हम अब तक कितने अछूते थे. कहीं दूर पहाड़ों के पीछे से सूरज का निकलना, अपनी सुरम्य किरणों को ओस की बूंदों पर उड़ेलना और किसी चाय बागान पर जमी धुंध का पिघलना. आप इसके मोहपाश से कैसे अछूते रह सकते हैं. आपको लिए चलते है डूअर्स. सही सुना आपने. नाम में ही कितना आकर्षण है. डूअर्स की जमीं पर कदम रखते ही आप एक नई दुनियां से रूबरू होते है. सलीके से लगाए गए चाय के बागान, पृष्टभूमि में विशालकाय बर्फाच्छादित पहाड़ आपको कहीं और ना जाने की गुजारिश करते प्रतीत होते हैं. डूअर्स सिलीगुड़ी से असम और अन्य नार्थ – ईस्ट राज्यों को जोड़ने वाले कॉरिडोर को कहते है. इसके जरिये आप भूटान, असम, मेघालय आदि राज्यों में प्रवेश कर सकते हैं. और कभी ना भूलने वाली अविश्मरणीय, अनुपम एवं अतुलनीय गाथाओं को अपने डायरी के पन्नों पर संजो सकते हैं.