Ravangla

बुद्धम शरणम् गच्छामि. अत्यंत आवश्यक क्या है, किसी भी व्यक्ति विशेष की बात कह लीजिये. शांति.. चाहे वो किसी भी रूप में हो. चाहे वो किसी भी माध्यम से मिले. अपार धन सम्पदा के साथ अगर मानसिक सुकून, आत्मिक स्थिरता न हो, तो फिर बात नहीं बनती. हम चाहे लाख प्रयत्न कर लें. जीवन को उच्चतम स्तर पर ले जाने की, इसके परे परम आनंद की अनुभूति अतुलनीय है. शांति की खोज में सिद्धार्थ ने वैराग्य लिया. शांति की तरफ बढ़ चले, चित्त स्थिर हुआ और परम ज्ञान को प्राप्त हुए. गौतम बुद्ध कहलाये. और विश्व को अपने ज्ञान से उज्जवल किया. बिलकुल सही सोचा आपने – क्यों ना रावंगला चलें. जो बसा है 7000 फ़ीट की ऊंचाई पर साउथ सिक्किम में. एक रमणीय, मनमोहक, निर्मल एवं शांत प्रकृति के बिलकुल करीब। यहाँ आने के पश्चात आप बस यहीं के होकर रह जाते हैं. मन यहाँ के वातावरण में घुली मिठास एवं आत्मीयता का रसपान करने लग जाता है. सिक्किम की राजधानी गंगटोक से 70 किलोमीटर का सफर बहुत कम लगता है. घुमावदार, ओस और चीड़ – देवदार की मिलीजुली खुशबु से लबरेज रास्ते आपको निमंत्रित करते हुए प्रतीत होते है, मानो जैसे कह रहे हों – आओ बैठो थोड़ी देर, बिलकुल मेरे पास. यहाँ से विदा होते वक्त आप निश्चय ही बहुत कुछ अपने साथ लेकर जाते है.